Sharabi Shayari

रोक दो मेरे जनाज़े को जालिमों

रोक दो मेरे जनाज़े को जालिमों, मुझमें जान आ गयी है, पीछे मुड़के देखो कमीनो, दारू की दुकान आ गयी है…

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