Sharabi Shayari

पी चुके हैं शराब हम हर गली

पी चुके हैं शराब हम हर गली हर दूकान से, एक रिश्ता सा बन गया है शराब के ज़ाम से, पाये हैं ज़ख्म हमने इश्क़ में ऐसे, कि नफ़रत सी हो गयी है हमें इश्क़ के नाम से !!

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