Sharabi Shayari

मेरी कबर पे मत गुलाब लेके आना

मेरी कबर पे मत गुलाब लेके आना न ही हाथों में चिराग लेके आना प्यासा हूँ मैं बरसो से जानम बोतल शराब की और एक गिलास लेके आना

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